रहस्यमयी है ‘बौनो का गाँव’ लोग मानते है शापित, क्या है वजह

बौनो का गाँव

आपने कभी ना कभी बचपन मे परी कथाओ के बौनो के बारे मे सुना होगा, जहाँ एक पूरा का पूरा गाँव बौनो का होता है। लेकिन परी कथाओ की कई ऐसी बाते है जो कभी-कभी सच भी होती है। क्योकी ऐसे ही चीन की शिचूआन प्रांत मे एक बौनो का गाँव है, लोग इसे रहस्यमयी बौनो का गाँव भी कहते है।

चीन के इस गाँव यांग्सी की लगभग आधी आबादी बौनी है, कुछ आँकड़ो के अनुसार यहा रहने वाले 80 मे से 36 लोगो की लम्बाई 2 फीट से लेकर 3 फीट 10 इंच तक है। इतने ज्यादा की जनसंख्या मे बौने होने के कारण इस गाँव को बौनो का गाँव ( Dwarf village of china ) कहा जाता है।

बौनो का गाँव

क्यो है यहाँ के लोग बौने

इतनी ज्यादा जनसंख्या मे बौने होने का मुख्य कारण क्या है, इसका पता शोधकर्ता कई सालो मे भी नही लगा पाए। बौनेपन का कारण जानने के लिए बैज्ञानिको ने कई कोशिसे की, इसके लिए वे पानी, मिट्टी, हवा, अनाज का बार-बार अध्यन भी करते रहे पर इसका असल कारण खोजने मे नाकामयाब रहे। हालाकी 1997 मे हुए एक रिसर्च मे कहा गया की यहाँ की मिट्टी मे पारा मौजूद है जिसके कारण लोग इस बीमारी की चमेट मे आ रहे है पर वे पूरी तरह से शाबित नही कर सके।

कइयों का मानना है की कुछ दशक पहले जापानियों ने यहाँ ज़हरीली गैसो को छोड़ा था जिसके कारण इनकी ये हालात हुई है। पर कुछ तथ्य के अनुसार जापानी कभी चीन के इस हिस्से तक पहुचे ही नही। कुछ गाँव वालो का मानना है यह किसी श्राप या फिर बुरी ताकत का प्रभाव है जिसके चलते लोग अभी तक भुगत रहे है। कारण कोई भी हो गाँव के लोग नही चाहते की बौनो की ऐसे ही संख्या बढ़ती रहे।

1951 मे आया दुनिया की नजरों मे

कहा जाता है की यह गाँव हमेशा से ऐसा नही था पर एक समय अचानक एक खतरनाक बीमारी ने पूरे गाँव को बदल कर रख दिया। कहा जाता है की बौनो को देखे जाने का पहला मामला 1911 मे आया था। इसके बाद 1947 मे एक अंग्रेज बैज्ञानिक ने यहा सैकड़ो बौने होने की बात कही थी। आधिकारिक तौर से इस बीमारी की पुस्टी 1951 मे की गई और 1985 मे जनगणना करने पर 119 बौने पाए गए।

लोगो का कहना है की गाँव के बच्चो की लम्बाई 5 से 7 वर्ष मे ही रुक जाती है इसके अलावा कुछ बच्चो की लम्बाई 10 वर्ष मे रुकती है।

बौनो का गाँव

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