top 10 भारत के सबसे लम्बे पुल (India’s longest bridges)

top 10 longest bridge in india

longest bridge in India

किसी भी देश के विकास मे वहा के सडक और पुल का विशेस महत्व होता है। ये हमारे आवा-गमन की सुविधाओ को आसान बनते है। पुल दूरियो को कम करते है व हमारे अनमोल समय की बचत करते है। तो आइये जानते है भारत के सबसे लम्बे पुलो के बारे मे…..

01-महात्मा गॉधी सेतू (Mahatma Gandhi Setu)

महात्मा गॉधी सेतू गंगा नदी के उपर बना भारत का सबसे लम्बा पुल है। इस पुल को गॉधी सेतू या गंगा सेतू के नाम से भी जाना जाता है। महात्मा गॉधी सेतू की कुल लम्बाई 5.75 किलोमीटर व चौडाई 25 मीटर है। इस पुल को बनाने मे Gammon India Limited को 1972 से 1982 तक लगभग दस वर्ष का समय लगा। महात्मा गॉधी सेतू का उद्घाटन 1982 मे उस समय भारत की प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा गॉधी द्वारा किया गया। पुल के निर्माण कार्य मे लगभग 87.22 करोड की राशी खर्च की गई थी।

02-वांद्रे-वरली समुद्र महामार्ग (Bandra-Worli Sea Link)

बांद्रा-वरली समुद्र महामार्ग को राजिव गॉधी सागर सेतू के नाम से भी जाना जाता है।  यह भारत का दूसरा सबसे लम्बा पुल है जो मुम्बई के दो क्षेत्रो बांद्रा और वर्ली को आपस मे जोडता है। इस पुल की लम्बाई 5.6 किलोमीटर व चौडाई 66 फीट है जिनमे 8 लेन बनाई गई है। इस पुल को बनाने मे लगभग 16 अरब रुपये की राशी लगाई गई है, पुल का निर्माण हिन्दुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा किया गया है। पुल को पूरी तरह से तैयार करने मे (सन 2000 से 24 मार्च 2010) दस साल का समय लगा पर लोगो के लिये इसकी शुरुआत 30 जून 2009 को ही कर दी गई थी।

03-विक्रमशिला सेतू (Vikramshila Setu)

विक्रमशिला सेतू पानी के उपर गंगा नदी मे बना हुआ भारत का तीसरा सबसे लम्बा पुल है। विक्रमशिला सेतू की लम्बाई 4.7 किलोमीटर है, जिसकी शुरुआत सन 2001 मे की गई थी। महात्मा गॉधी सेतू के बाद विक्रमशिला बिहार का दूसरा लम्बा पुल है।

04-Bembanad Rail Bridge

बेम्बानाद रेल पुल भारत का चौथा व केरल का पहला सबसे लम्बा पुल है, जो बेंबानाद तालाब के उपर बना हुआ है। इसके अलावा इस पुल को भारत का सबसे लम्बा रेल्वे पुल माना जाता है। ये पुल केरल के दो क्षेत्रो  Edappally और Vallarpadam को जोडता  है।  बेम्बानाद रेल पुल की लम्बाई 4.62 किलोमीटर व चौडाई 5 मीटर है। पुल बनाने का काम जून 2007 मे किया गया था जो 31 मार्च 2010 मे पूरा हुआ। पूल बनाने का श्रेय जाता है AFCONS Infrastructure Ltd कम्पनी को। पुल तैयार होने के बाद 11 फरवरी 2011 को इसकी शुरुआत की गई।

05-दीघा-सोनपुर रेल-सह-सडक सेतु (Digha-Sonpur Rail-Cum-Road Bridge)

बिहार प्रदेश मे बना हुआ ये पुल पटना के दीघा घाट और सोनपुर के पहलेजा घाट को जोडती है। यह पुल राजेन्द्र सेतु के बाद दूसरा ऐसा रेल्वे पुल है, जो दक्षिण बिहार को उत्तर बिहार से जोडता है। इस पुल को गंगा सह सडक सेतु के नाम से भी जाना जाता है और यह रेल व सडक दोनो की सुविधा उपलब्ध कराती है। इस पुल की लम्बाई लगभग 4.5 किलोमीटर व चौडाई 33 फीट है। पुल का निर्माण कार्य 2003 मे शुरु हुआ था जो लगभग 13 साल तक चला और साल 2015 मे बनकर तैयार हो गया। इसे 3 फरवरी 2016 को शुरु किया गया।

06-गोदावरी सेतु (Godavari Bridge)

गोदावरी सेतु को Kovvur–Rajahmundry Bridge के नाम से भी जाता है। यह पुल एसिया का तीसरा पानी के उपर बना हुआ road-cum-rail bridge है। इसकी लम्बाई 4.1 किलोमीटर व चौडाई 300फीट है।

third longest road-cum-rail bridge crossing a water body

07-मुंगेर गंगा सेतु (Munger Ganga Bridge)

मुंगेर गंगा सेतु गंगा नदी के उपर बना हुआ चौथा पुल है। पुल की लम्बाई 3.6 किलोमीटर व चौडाई 12 मीटर है। पुल दो शहरो मुंगेर व जमालपुर को आपस मे जोडती है। पुल के निर्माण कार्य का उदघाटन उस समय के प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाचपेयी ने सन 2002 मे किया था। पुल बनने के बाद 12 मार्च 2016 को पुल पर रेल मालगाडी की शुरुआत वर्तमान के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की और आम जनता के लिये 11 अप्रैल 2016 को इसकी शुरुआत Begusarai-Jamalpur DEMU train चलाकर की गई। गंगा सह सडक सेतु की तरह इसमे भी रेल व सडक दोनो की सुविधाओ दी गई है पर कुछ कमियो के कारण अभी सडक सुविधा की शुरुआत नही की गई।

08-जवाहर सेतु (Jawahar Setu)

जवाहर सेतु सोन नदी पर बना हुआ है, इसकी लम्बाई 3 किलोमीटर है। जवाहर सेतु बिहार के दो क्षेत्रो डेहरी (Dehari-on-son) व सोन नगर को जोडने का काम करती है। पुल निर्माण का कार्य Gammon India Ltd ने किया है, जो सन 1963 से 1965 तक चला और 1965 मे ही शुरु कर दिया गया। जवाहर सेतु Grant Trunk Road का हिस्सा माना जाता है, जो दक्षिण एशिया का सबसे पुराना व लम्बा रोड है। ये बांग्लादेश और पाकिस्तान को जोडती है। 

09-नेहरु सेतु (Neharu Setu)

नेहरू सेतु सोन नदी पर जवाहर सेतु के पास बना हुआ रेल पुल है। नेहरू सेतु को जवाहर सेतू के समानांतर बनाया गया है। इसे वर्तमान मे Upper Son Bridge के नाम से जाना जाता है। जवाहर सेतु की तरह ये भी डेहरी व सोन नगर को जोडने का काम करती है। नेहरू सेतु को 27 फरवरी 1900 मे शुरु किया गया था। पुल निर्माण का कार्य Rail Vikas Nigam Ltd द्वारा किया गया है। गंगा सह सडक सेतु और मुंगेर गंगा सेतू बनने के पहले इसे भारत का दूसरा सबसे बडा रेल्वे पुल माना जाता था।

10-कोलिया भोमोरा सेतू (Kolia Bhomora Setu)

कोलिया भोमोरा सेतू ब्रम्हपुत्र नदी के उपर बना हुआ pre-stressed concrete रोड पुल है। पुल की लम्बाई 3 किलोमीटर (3015 metre) है। पुल का निर्माण कार्य 1981 मे हुआ था जो सात साल तक चला और 1987 मे बनकर तैयार हो गया। kolia bhomora setu उत्तरी तट के सोनितपुर को और नागौन जिले के दक्षिण तट को आपस मे जोडने का काम करती है।

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