अपने एक आइडिया को बदला बिजनेस मे और खडी कर दी करोडो की कम्पनी।

अगर आपके दिल मे कुछ कर गुजरने की चाह होती है तो कोइ भी आपको रोक नही सकता। किसी मे इतनी हिम्मत नही होती की वो आपको रोक सके और आपकी हिम्मत को एक इंच भी हिला सके। वो कहते है ना किसी चीज को अहर पूरे दिल से चाहो तो पूरी कायनात उसे आपको मिलने से नही रोक सकती इस बात को साबित कर दिखाया है रितेश अग्रवाल ने।  जिस उचाई को हासिल करने के लिये लोग सालो कठीन मेहनत करते है रितेश उस उचाई को अपने एक Idea से कम उम्र मे ही छू लिया और 350 करोड की कम्पनी खडी कर दी।

ritesh agrawal thw founder of OYO rooms

the source of image is youngisthan.in

रितेश अग्रवाल एक entrepreneur और OYO Rooms के संस्थापक (Founder) व युवा CEO है। रितेश ने अपने business career की शुरुआत बहोत कम उम्र मे ही कर दी थी उन्होने अपनी 18 साल की उम्र मे Oravel Stays की नीव डाली जो बाद मे OYO Rooms मे बदल गया। रितेश की सफलता देखते हुये Forbes ने उन्हे “30 Under 30” की सुची मे भी सामिल किया है।

the Economic Times एक interview मे रितेश अग्रवाल ने कहा जब समाचार पत्रो ने मेरे बारे मे लिखना शुरु किया तो मेरे पापा दिल्ली आये और उन्होने पूरे ऑफिस को हैरानी से देखा। मेरी मॉ ज्यादा खुस नही थी क्योकी वो चाहती थी कम से कम मै ग्रैजुएट हो जाउ।

रितेश अग्रवाल का जन्म 16 नवम्बर 1993 को उडीसा के कटक बीसाम जिले मे हुआ था| उन्होने अपनी पढाई Scared Heart School से की और  आंगे  की पढाई IIT की तैयारी के लिये  राजस्थान के कोटा शहर आ गए। कोटा मे रहकर उन्होने A Complete Encyclopedia of Top 100 Indian Engineering Colleges नाम की एक book लिखी जिसमे भारत के 100 सबसे अच्छे इनजीनिरिंग कॉलेजो का सम्पूर्ण विबरण दिया गया था। किताब को लोगो ने पसंद किया और ये बाजार मे भी भारी मात्रा मे बिकी।

रितेश को घूमने-फिरने का बहोत शौक था और वे अकसर दूसरे स्थानो पर ट्रैवल किया करते थे और इस ट्रैवलिंग के दौरान पैसो को बचाने के लिये सस्ते होटलो का चयन करते कई बार उन्हे कम पैसो मे होटल की अच्छी सुबिधाये मिलती पर कभी-कभी पर्याप्त पैसे देने पर भी होटलो मे बुरे अनुभवो का सामना करना पडता। इन्ही अच्छे-बुरे अनुभवो ने रितेश को बिजनेस का नया आइडिया दिया।

कई तत्थो के अनुसार रितेश को नये स्टार्ट-अप के संस्थापको से मिलना और उनके बारे मे जानना अच्छा लगता था इसलिये जहॉ कही भी स्टार्ट-अप से रिलेटेड इवेंटस होते तो वहॉ रितेश अग्रवाल जरूर पहुचते पहुचते थे।

 ritesh agrawal

Oravel Stays से की शुरूआत

रितेश मे 2012 मे Oravel Stays कम्पनी की शुरुआत की। Oravel Stays का काम सफर कर रहे लोगो को होटलो मे कम कीमत पर कमरा उपलब्ध कराना था। कमरा पाने के लिये कोई भी व्यक्ती आसानी से online book करा सकता था। कम्पनी start के होने के कुछ समय बाद ही VentureNursery ने 30 लाख का फंड निवेश किया जिससे Oravel Stays आसानी से आंगे बड सकती थी।

कम्पनी को और भी आंगे लाने के लिये और भी पैसो की जरूरत थी इसलिये रितेश अग्रवाल ने अपना नाम व बिज़नेस आइडिया Theil Fellowship प्रतीयोगिता मे भेजा जिसे paypal कम्पनी के Co-Founder peter theil के theil Foundetion के द्वारा चलाया जाता था। रितेश प्रतीयोगिता मे जीत गये उनका नाम दसवे नंबर पर था इसलिये उन्हे 66 लाख रुपये मिले। इस प्रतियोगिता को जितने वाले शायद वे पहले भारतीय है।

बहुत ही कम समय में उनके नये स्टार्टप को मिली इन सफलताओं से वे काफी उत्साहित हुए और वे अपने स्टार्ट-अप पर और बारीकी व सावधानी से काम करने लगे। लेकिन पता नहीं क्यों उनका ये बिजनेस मॉडल आपेक्षित लाभ देने में असफल रहा और “ओरावेल स्टे” धीरे-धीरे घाटे में चला गया। वे परिस्थिति को जितना सुधारने का प्रयास करते, स्थिती और खराब होती जाती और अंत में उन्हें इस कंपनी को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।

Oravel Stays का Oyo Rooms मे परिवर्तन

रीतेश अपने स्टार्ट-अप के असफल होने से निराश नहीं हुए और उन्होंने दुबारा स्वयं द्वारा अपनाई गई योजना पर विचार करने कि सोची ताकि इसकी कमियों को दूर किया जा सके।रितेश ने अपनी कमियो पर शुरु से गौर किया व बहोत गहन विचार के बाद oravel stays को नये नाम oyo room के रूप मे लोगो के सामने पेश किया।

इस बार उन्होने Oyo Rooms मे सस्ते व अच्छे कमरे दिलवाये गये क्योकी उन्हे पता था की  भारत में सस्ते होटल्स में कमरे मिलना कोई समस्या नहीं हैं, समस्या थी ये थी की होटल्स सस्ते दामो में जरूरत के हिसाब से अच्छी सुविधाओं को नही दे पाती थी। पर कई बार कम दामो पर भी अच्छी सुबिधाओ के साथ अच्छे रूम भी मिलते थे। इसलिये ओयो रूम्स लोगो को किसी होटल में कमरा दिलाने के साथ-साथ होटल के कमरों की और वहां मिलने वाली सुविधाओं की गुणवता का भी ख्याल रखने लगे।

होटल की अच्छी सुविधाओ के लिये ओयो रूम्स ने अपने साथ जुडने वाले होटलो का गहन परिक्षण करना शुरु कर दिया इसके लिये ओयो रूम्स के कर्मचारी होटल मे जाकर उस होटल का मुआयना करते है इसके बाद उसे फेल या पास करते है। पास होने वाले होटल्स सफलता पूर्वक ओयो रूम्स के साथ जुड सकते हैं।

इसके साथ ही उन्होने इस बिजनेस को अच्छे से समझा और ग्राहको से भी मिले। कम्पनियो की कमजोरियो को बारीकियो से ध्यान देने के बाद इस बार कम्पनी निखरकर सामने आइ व इसकी सफलता के साथ कंपनी में लगातार कर्मचारियों की संख्या बढती गई और आज के समय मे   ओयो रूम्स कर्मचारियों की संख्या 1700 से भी ज्यादा हैं।

आज मात्र कुछ वर्षों में ही रितेश अग्रवाल Oyo Rooms 20000 से भी ज्यादा होटलो मे 1000000 कमरों के साथ देश की सबसे बड़ी आरामदेह एवं सस्ते दामों पर कमरा उपलब्ध कराने वाली कंपनी बन चुकी है। इस साल ओयो रूम्स ने मलेशिया में भी अपनी सेवाएं देना प्रारम्भ कर दिया है और आने वाले कुछ समय में अन्य देशों में भी सफालता पूर्वक इसकी नीव रखी जायेगी है।

Lightspeed Venture Partners (LSVP) और DSG Consumer Partners ने Oyo Rooms में 4 करोड़ रूपये तक का निवेश सन 2014 मे किया। और इसी साल 2016 में जापान की Softbank कम्पनी ने लगभग 7 अरब रूपयें का निवेश Oyo Room मे किया है।

लगातार बढती सफलता के कारण 2 July, 2016 को एक Internation मैगज़ीन Gentlemen’s Quarterly ने रितेश अग्रवाल को 50 Most Influential Young Indians: Innovators की सूची में शामिल किया है। इसके आलावा उन्हे कई पुरस्कारो से भी सम्मानित किया गया है।

  1. Top 50 Entrepreneurs in 2013 by TATA First Dot powered by NEN Awards
  2. Named as one of the ‘8 Hottest Teenage Start Up Founders in the World’ in 2013 by Business Insider
  3. TiE-Lumis Entrepreneurial Excellence Award in 2014
  4. Business World Young Entrepreneur Award in 2015

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