ये काम करना सबके बस की बात नही, अगर यकीन ना हो तो खुद आजमा के देखे

दोस्तो इस आर्टिकल मे कुछ ऐसे काम के बारे मे बात करने वाले है। जो देखने मे तो काफी आसान लगते है पर करने मे अच्छे-अच्छो के पसीने छूट जाते है। हालाकी  इनमे  से कुछ को तो लगातार प्रैक्टिस करके सीखा जा सकता है। पर जरूरी नही की आप सीख पाये

तो चलिये जानते है ऐसे मजेदार कामो के बारे मे

एक भौह को उपर उठाना

क्या आप कर सकते है ये काम

पहली बार यह देखने मे तो बहोत आसान लगता है या फिर आप शायद ऐसा कर पाते हो। पर यकीन मानिये ज्यादातर लोगो के लिये यह बहोत ही मुस्किल होता है ऐसा सिर्फ कुछ ही लोग कर पाते है। इसमे आपको एक तरफ के मसल्स को उपर ले जाना है व दूसरे को रोक के रखना है। पर कई लोगो का मानना है की लगातार प्रैक्टिस से इसे सीखा जा सकता है।

जीभ को बीच से मोडना

जीभ बीच से मोड्न

जीभ को बीच से मोडकर नली का आकार देना सभी के लिये संम्भव नही है। ऐसा सिर्फ 10 से 20 प्रतीशल लोग ही कर पाते है। एक रिसर्च मे कहा गया की ऐसा करना अनुवाशिकी होता है। मैकडोनल्ड ने इस रिसर्च को करने के लिये 33 आदमियो को चुना और उनको यह कला सीखने के लिये एक महीने का वक्त दिया। एक महीने बाद सभी को बुलाया गया और जीभ मोडकर नली बनाने को कहा गया पर उनमे से सिर्फ एक व्यक्ती ही ऐसा कर पाया था। फिर भी वह अच्छी तरह नही कर पाया

कोहनी चाटना

touches her elbow with her tongue

Lewis touches her elbow with her tongue

कोहनी चाटना सबसे बडा चलेंजिंग काम है वैज्ञानिको के अनुसार आबादी का बहोत छोटा सा प्रतीशत ही ऐसा कर सकता है। अपनी कोहनी चाटने के लिये आपकी जीभ लम्बी होनी चाहिये, कंधा व पीठ काफी लचीली होनी चाहिये तभी ये काम सही तरीके से कर पायेंगे।

जीभ से नाक छुना

nose touching with tongue

यह बाकी काम से सबसे ज्यादा आसान लगता है क्योकी जीभ नाक के काफी पास होती है। पर पूरी दुनिया मे केवल 10 से 15 प्रतीशत लोग ही ऐसा कर सकते है। नाक को जीभ से छुने के लिये आपकी जीभ लम्बी और फ्लेक्सीबल होनी चाहिये तभी ऐसा कर पायेंगे।

कान हिलाना

ear moving

आपने अक्सर जानवरो को कान हिलाते देखा होगा पर किसी इंसान को हिलाते देखा है। काम मे हमारा किसी तरह का कंट्रोल नही होता पर फिर भी कुछ लोग कान हिलाने मे माहिर होते है। कहा जाता है जो अपने एक भौह को उठा सकते है वे कोशिस करने के बाद कानो को भी हिला सकते है। पर यकीन मानिये ये उनके लिये भी नामुम्किन के जैसा ही होता है।

खुद को गुदगुदाना

tickle her self

जब कोइ हमे गुदगुदाता है तो हम अपनी हसी नही रोक पाते। पर अगर हम खुद को ही गुदगुदा कर हसाना चाहे तो ये नामुम्किन होगा क्योकी जब हम खुद को गुदगुदाते है तो हमारा दिमाग रिस्पोंस देना बंद कर देता है और कुछ असर ही नही होता। लेकिन अगर कुछ लोग ऐसा कर पा रहे है तो समझ ले कि वे एक तरह से मनोरोगी है क्योकी शिजोफ्रेनिया नामक मनोरोगी ही इसे कर सकती है।

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *