कैसे करे बच्चे के डर को दूर, अपनायें इन top tricks को

कैसे करे बच्चे के डर को दूर, अपनायें इन top tricks को

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कम उम्र मे कई बच्चे बहोत शर्मीले होते है वे घर मे आये किसी अनजान व्यक्ती से घबराते है, और उनसे बात नही कर पाते यहा तक की नजरे भी मिलाने मे घबराते है। ऐसे बच्चो के अकसर कम ही दोस्त होते है वे जल्दी दोस्त भी नही बना पाते उनका बचपन तो बीत जाता है पर अगर उनकी इस शर्मीलेपन को नही हटाया गया तो भविस्य मे कई तरह के कठिनाइयो का सामना करना पडता है।

नये लोगो से मिलाये

अकसर माता-पिता अपने काम मे व्यस्त रहने के कारण बच्चो को पूरा समय नही दे पाते उसे बाहर नही घुमाते जिससे बच्चा घर के अंदर ही अपने आप मे मस्त रहता है और एक नई दुनियॉ बना लेता है।  बाहर ना ले जाने के कारण वो हमेशा गिने-चुने चेहरे ही देख पाता है लेकिन जब कभी इन चेहरो के अलावा भी कोइ दिखता है तो वह uncomfortable हो जाता है और डरता है।

शुरुआत Hello से कराये

बच्चे के शर्मीलेपन को हटाने के लिये उसकी शुरुआत नमस्ते या Hello से करवाये। जब भी कोइ मेहमान आपके घर आये तो बच्चे को उससे शुरु मे शिर्फ नमस्ते करने को कहे इससे धीरे-धीरे नये लोगो के सामने जाने का डर कम होने लगेगा। इसके बाद आंगे की प्रोसेसे जारी करे उन्हे समझाये की कैसे बात करना है बाते करते समय सिर नीचे नही झुकाना है।

तैयारी करवाये

जब बच्चे का शर्मीलापन कम हो जाये तो उसे बाहर ले जाये और लोगो से मिलाये  पर इससे पहले उसकी तैयारी अच्छे से करा दे। उन्हे बताये की लोग आपसे क्या सवाल कर सकते है और उसे कैसे जवाब देना है या कैसे किसी को wish करना है। इन सब बातो का उसे पता हो तो बच्चे को झिझक कम होगी। पर ध्यान रहे इन बातो को सिखाते वक्त नरमी से पेश आयें।

गुस्सा ना करे

बच्चे के डर को हटाने के लिये कई बार माता-पिता बच्चे को डॉटते है व उस पर गुस्सा करते है उन्हे लगता है इससे बच्चा दूसरो के सामने शर्मायेगा नही पर बच्चे पर इसका उल्टा असर होता है। लगभग 80% माता-पिता इस डर को हटाने के लिये दूसरे बच्चो की बडाई तक करते है की कैसे वो बच्चा बिना डरे बाते करता है और भी बहोत सारी चीजे पर याकीन मानिये इससे आपका बच्चा खुद को उसके सामने कमजोर समझने लगता है और कमजोरी के कारण उससे जलता है।

उत्साह बढाये

कदम-कदम पर बच्चे का उत्साह बढाये उससे कहें की हॉ तुम कर सकते हो तुम्हारे अंदर कोइ कमी नही है। अकसर शोध मे पाया गया है व विशेसज्ञो का कहना है की शर्मीले बच्चो को लगता है आस-पास के बांकी सभी लोग बेहतर हैं वे मुझसे कहीं ज्यादा स्मार्ट है। बच्चो के इस गलत धारणा को दूर करे उससे कहें कुछ ना कुछ कमिया तो सभी के अंदर होती है।तुममे और दूसरो मे फर्क नही है और अगर तुम कोशिस करोगे तो उनसे भी अच्छा कर सकते हो।

स्कूल टीचर को बतायें

स्कूल टीचर को बच्चे के इस शर्मीलेपन के बारे मे बताये जिससे वे भी बच्चे की मदद कर पाये और उसे उठने मे मदद करे। कभी-कभी टीचर बच्चे के डर को कमजोरी समझ लेते है या फिर सोचते है की वह चुप रह कर बहाना बना रहा है। जब उन्हे इसके बारे मे पता होगा तो शायद वे नरमी से पेश आये व बच्चे को समझाने की कोशिस करें।

पूरी बात सुने

अगर बच्चा आपसे कुछ भी कहना चाहता है तो उसकी पूरी बात सुने और गौर करे की आखिर वह क्या कहना चाहता है।कई बार बच्चा अपनी बातों मे emotions व्यक्त करता है इसलिये उसे ये अहसास कराये की आप उसे समझते है इससे शायद उसका मनोबल बढ जाये। जब बच्चा आपसे कुछ भी बिना हिचकिचाये कहेगा तो इससे उसकी शर्मीलेपन की बजह भी साफ हो जायेगी और आपको इसे हटाने मे आसानी होगी।

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